जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिले का सपना देखने वाले हजारों छात्रों का इंतज़ार अब लगभग खत्म होने वाला है। 7 फरवरी 2026 को आयोजित कक्षा 9 और कक्षा 11 की प्रवेश परीक्षा का परिणाम मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह तक navodaya.gov.in पर जारी होने की संभावना है। रिजल्ट के साथ ही चयनित छात्रों की मेरिट लिस्ट भी जारी होगी। रोल नंबर और जन्मतिथि अभी से तैयार रखें रिजल्ट आते ही काम आएगा।
Navodaya Result 2026 कब और कहाँ आएगा?
नवोदय विद्यालय समिति आमतौर पर परीक्षा के कुछ सप्ताह बाद ही परिणाम घोषित करती है। इस बार परीक्षा 7 फरवरी को हुई थी, इसलिए मार्च के आखिरी हफ्ते तक रिजल्ट आने का अनुमान है। रिजल्ट जारी होते ही छात्र अपने रोल नंबर और जन्मतिथि की मदद से स्कोर कार्ड देख सकेंगे। साथ ही मेरिट लिस्ट भी सार्वजनिक होगी जिसमें एडमिशन के लिए चुने गए छात्रों के नाम होंगे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा | जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा |
| कक्षा | 9वीं एवं 11वीं |
| परीक्षा तिथि | 7 फरवरी 2026 |
| संभावित रिजल्ट | मार्च 2026 (अंतिम सप्ताह) |
| आधिकारिक वेबसाइट | navodaya.gov.in |
रिजल्ट के बाद क्या होगा चयन प्रक्रिया समझें
परिणाम जारी होने के बाद सिर्फ स्कोर कार्ड नहीं आता, चयन की पूरी प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है। सबसे पहले निर्धारित कट-ऑफ अंक पाने वाले छात्रों की मेरिट सूची तैयार होती है। चयनित छात्रों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाता है — मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य ज़रूरी कागज़ात साथ लाने होते हैं। दस्तावेज़ सही पाए जाने के बाद संबंधित नवोदय विद्यालय में अंतिम प्रवेश दिया जाता है। इसलिए रिजल्ट से पहले ही सभी दस्तावेज़ तैयार रखना समझदारी है।
Navodaya Result 2026 ऑनलाइन कैसे चेक करें?
वेबसाइट पर रिजल्ट आते ही भारी ट्रैफिक होता है, इसलिए प्रक्रिया पहले से जान लेना ज़रूरी है। navodaya.gov.in खोलें। होम पेज पर “JNVST Class 9 Result 2026” या “Class 11 Result 2026” का लिंक दिखेगा उस पर क्लिक करें। रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें, फिर Submit या View Result दबाएं। स्क्रीन पर रिजल्ट और स्कोर कार्ड आ जाएगा। स्कोर कार्ड डाउनलोड करें और प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें।
कितने अंक चाहिए कट-ऑफ और मेरिट लिस्ट का गणित
नवोदय में दाखिला सिर्फ पास होने से नहीं मिलता मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ तय करते हैं कि किसे एडमिशन मिलेगा। हर साल कट-ऑफ अलग होती है क्योंकि यह परीक्षा के कठिनाई स्तर, कुल सीटों और परीक्षार्थियों की संख्या पर निर्भर करती है। जिनके अंक ज़्यादा होते हैं, मेरिट लिस्ट में आने की संभावना उतनी ही बेहतर होती है। रिजल्ट आने के बाद छात्र अपने स्कोर की तुलना कट-ऑफ से ज़रूर करें ताकि चयन की संभावना का सही अंदाज़ा लग सके। नवोदय विद्यालय में पढ़ाई, हॉस्टल और तमाम सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क मिलती हैं इसीलिए हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में भाग लेते हैं और प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी होती है।